शरीर की ऐसी मुद्रा जो स्थिर दुःख दे , उसे आसन कहते हैं , यह बात महर्षि पतंजलि कह रहे हैं , देखिये निम्न स्लाइड में 👇
Saturday, March 27, 2021
Friday, March 26, 2021
साधना की 12 भूमियों में पहली भूमि
साधक को 11 साधना की 11 भूमियों की सिद्धि मिलाने के बाद 12 वीं भूमि समाधि मिलती है ।
आगे चल कर पता चलेगा कि दी दो प्रकार की समाधियों के बाद कैवल्य और कैवल्य में लिङ्ग लय , प्रकृति लय और मोक्ष भूमियों का क्या रहस्य है ?
आइये , जुड़ते हैं पहली भूमि , ईश्वर प्रणिधानि से 👇
Thursday, March 25, 2021
अखियाँ हरि दर्शन को प्यासी
महान दार्शनिक सी जे जुंग कहते हैं , " 40 वर्ष की उम्र पर किये लोगों में शायद ही कोई ऐसा मिले जिसके अंदर किसी न किसी रूप में परमात्माके सोच का बीज न होता हो । परम से एकत्व होना , परामानांद है जिसकी तलाश हम बाहर करते - करते सारा जीवन योंही गुजार देते हैं जबकि उसकी अनुभूति तब होती है जब हम बाहर से अपनें अंदर की यात्रा करते हैं । बाहर से अंदर की यात्रा में 12 पड़ाव आते हैं जहाँ रुकना नहीं होता , जिसमें स्वयं को घुलाना होता है ।
आइये ! देखते हैं , इन पड़ावों को यहाँ 👇
Thursday, February 6, 2020
Friday, December 6, 2019
Wednesday, November 6, 2019
Monday, October 21, 2019
Subscribe to:
Posts (Atom)






